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दुर्ग जिले में दुर्गा पर्व को लेकर अग्निशमन विभाग अलर्ट, 15 से अधिक दुर्गा पंडालों का किया निरीक्षण!

पावर हाउस, कुर्सीपार, सेक्टर एरिया और जामुल में अग्निशमन दलों ने जांची अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, लापरवाही बरतने वाले पंडाल समितियों को दिए आवश्यक निर्देश.

दुर्ग – दुर्ग जिले में दुर्गा पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी कड़ी में आज दिनांक 17 अक्टूबर 2026 को जिला सेनानी दुर्ग के आदेशानुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित अस्थायी दुर्गा पंडालों का अग्निशमन दलों द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान पावर हाउस, कुर्सीपार, सेक्टर एरिया और जामुल क्षेत्र में स्थापित दुर्गा पंडालों में अग्नि सुरक्षा के इंतजामों की जांच की गई।

निरीक्षण अभियान के दौरान अग्निशमन दलों ने पंडालों में आग से बचाव के लिए उपलब्ध अग्निशामक यंत्रों की स्थिति, उनकी कार्यशीलता तथा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कई दुर्गा पंडालों में अग्निशामक यंत्र सही एवं चालू हालत में पाए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित समितियों द्वारा अग्नि सुरक्षा को लेकर आवश्यक तैयारियां की गई थीं।

वहीं, जिन पंडालों में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध नहीं पाए गए, वहां समिति के सदस्यों को तत्काल अग्निशामक यंत्र रखने के निर्देश दिए गए। अग्निशमन दल ने स्पष्ट किया कि दुर्गा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की आगजनी की घटना से बचने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करना बेहद जरूरी है।

अस्थायी दुकानों का भी किया गया निरीक्षण

दुर्गा पंडालों के आसपास लगने वाली अस्थायी दुकानों का भी अग्निशमन दल द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान दुकानदारों को आगजनी से बचाव के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। दुकानदारों को सलाह दी गई कि वे अपनी दुकानों में अग्निशामक यंत्र, पर्याप्त मात्रा में पानी और रेत से भरी बाल्टियां अनिवार्य रूप से रखें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में आग पर शुरुआती स्तर पर नियंत्रण पाया जा सके।

विशेष रूप से बिजली के उपकरणों, अस्थायी विद्युत कनेक्शनों और आग लगने की आशंका वाले अन्य साधनों के उपयोग के दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। दुकानदारों को यह भी समझाया गया कि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों का उपयोग करें और जरूरत पड़ने पर अग्निशमन विभाग को सूचना दें।

15 से अधिक दुर्गा पंडालों की जांच

अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग की टीम द्वारा इस अभियान के तहत करीब 15 से अधिक दुर्गा पंडालों का निरीक्षण किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य दुर्गा पर्व के दौरान पंडालों और उनके आसपास के क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना तथा किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाना रहा।

त्योहारों के दौरान पंडालों में सजावट के लिए विभिन्न प्रकार की सामग्री, विद्युत रोशनी और अस्थायी संरचनाओं का उपयोग किया जाता है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ और आसपास संचालित दुकानों के कारण आगजनी का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अग्निशमन दल द्वारा समितियों और दुकानदारों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए।

सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील

अग्निशमन विभाग द्वारा पंडाल समितियों और अस्थायी दुकानदारों से अपील की गई कि वे दुर्गा पर्व के दौरान अग्नि सुरक्षा से संबंधित सभी आवश्यक सावधानियों का पालन करें। अग्निशामक यंत्रों को सही स्थिति में रखें, आपातकालीन परिस्थितियों के लिए पानी और रेत की व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज न करें।

इसके साथ ही पंडालों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक प्रबंध करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

दुर्ग जिले में दुर्गा पर्व के दौरान अग्निशमन विभाग का यह निरीक्षण अभियान सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समय रहते की गई जांच और आवश्यक दिशा-निर्देशों से आगजनी की संभावित घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है। त्योहार के दौरान सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए पंडाल समितियों, दुकानदारों और आम नागरिकों की सहभागिता भी बेहद महत्वपूर्ण है।

Navin Dilliwar

Editor, thesamachaar.in

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