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भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता एवं अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा जी का आकस्मिक निधन!

– राजनीति के लंबे सफर का हुआ अंत! अहिवारा विधानसभा से दो बार विधायक रहे डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का जीवन परिचय, राजनीतिक संघर्ष और उपलब्धियों की पूरी कहानी।

 

दुर्ग – छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता एवं अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के आकस्मिक निधन की खबर सामने आने का दावा किया जा रहा है।

उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि होने पर यह खबर छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम होगी।

आइए जानते हैं कौन थे डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, कैसा रहा उनका राजनीतिक सफर और किस तरह उन्होंने अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से लेकर प्रदेश की राजनीति तक अपनी पहचान बनाई।

1. जीवन परिचय और शिक्षा

श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का जन्म 12 अगस्त 1948 को हुआ था। वे छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से जुड़े हुए थे।

शैक्षणिक रूप से उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर यानी एम.ए. की शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से वर्ष 1985 में एम.ए. किया था। इसके साथ ही उन्होंने बी.एड. की शिक्षा भी हासिल की थी।

राजनीति में आने से पहले वे पूर्व सांसद ताराचंद साहू के निजी सचिव के रूप में भी कार्य कर चुके थे।

2. राजनीतिक सफर की शुरुआत

डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का राजनीतिक सफर भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ा रहा।

वर्ष 2008 में भाजपा ने उन्हें अहिवारा विधानसभा क्षेत्र से अपना प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में उन्होंने 57 हजार 796 मत प्राप्त कर जीत हासिल की और पहली बार छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्य बने।

यह उनके राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था।

3. चुनावी सफर में हार और फिर वापसी

वर्ष 2008 में विधायक बनने के बाद वर्ष 2013 और 2018 के विधानसभा चुनावों में अहिवारा सीट पर भाजपा को सफलता नहीं मिली।

लेकिन वर्ष 2023 में पार्टी ने एक बार फिर डोमनलाल कोर्सेवाड़ा पर भरोसा जताया और उन्हें चुनाव मैदान में उतारा।

इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल कोसरे को कड़ी चुनौती देते हुए बड़े अंतर से जीत दर्ज की।

4. वर्ष 2023 में ऐतिहासिक चुनावी जीत

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में अहिवारा विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को कुल 96 हजार 717 मत प्राप्त हुए।

वहीं कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल कोसरे को 71 हजार 454 वोट मिले।

इस प्रकार डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने 25 हजार 263 मतों के अंतर से जीत हासिल की और दूसरी बार विधानसभा पहुंचे।

5. अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बने

विधायक के रूप में कार्य करने के साथ ही उनकी राजनीतिक जिम्मेदारियां भी बढ़ती रहीं।

अक्टूबर 2025 में छत्तीसगढ़ सरकार ने उन्हें अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया।

इसके बाद 25 नवंबर 2025 को उन्होंने मंत्रालय में विधिवत पदभार ग्रहण किया।

यह उनके राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी थी।

6. विधानसभा में उनकी भूमिका

डोमनलाल कोर्सेवाड़ा छत्तीसगढ़ की छठवीं विधानसभा के सदस्य रहे।

PRS के उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार दिसंबर 2023 से मार्च 2026 तक विधानसभा में उनकी उपस्थिति 100 प्रतिशत दर्ज की गई और इस अवधि में उन्होंने सदन में 24 प्रश्न पूछे।

वर्ष 2024 में वे विधानसभा की विभिन्न समितियों में भी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

7. राजनीतिक जीवन के प्रमुख पड़ाव

  • वर्ष 2008 में पहली बार अहिवारा से विधायक निर्वाचित।
  • पूर्व सांसद ताराचंद साहू के निजी सचिव के रूप में कार्य।
  • वर्ष 2023 में दूसरी बार विधायक निर्वाचित।
  • नवंबर 2025 में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण।
  • छत्तीसगढ़ विधानसभा की विभिन्न समितियों में सहभागिता।

डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का राजनीतिक जीवन छत्तीसगढ़ की राजनीति में कई महत्वपूर्ण पड़ावों से होकर गुजरा।

वर्ष 2008 में पहली बार विधायक बनने से लेकर वर्ष 2023 में दोबारा विधानसभा पहुंचने और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने तक उनका सफर राजनीतिक अनुभवों से भरा रहा।

उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि होने पर छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हस्तियों, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रियाओं के साथ इस खबर को आगे अपडेट किया जाएगा।

 

Navin Dilliwar

Editor, thesamachaar.in

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