‘महतारी वंदन वसूली मीटर’ बना स्मार्ट मीटर: कांग्रेस का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला!

- बिजली दरों में बढ़ोतरी वापस लेने और 400 यूनिट बिल हाफ योजना बहाल करने की मांग
- स्मार्ट मीटर हटाने के लिए घर-घर अभियान, मुख्यमंत्री निवास घेराव की चेतावनी
- पीएम सूर्य घर योजना के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप
- ‘महंगी बिजली से बिगड़ा घर का बजट’, कांग्रेस बोली—सरप्लस राज्य में क्यों महंगी बिजली?
- स्मार्ट मीटर पर कांग्रेस का हल्ला बोल, बोली—जनता से हो रही खुली वसूली
- ‘स्मार्ट मीटर नहीं, वसूली मीटर’… कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
- बिजली बिल पर सियासी संग्राम, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
- महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का बिगुल, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
- बिजली बिल से जनता परेशान, कांग्रेस बोली—अब सड़क से सदन तक होगा संघर्ष
- स्मार्ट मीटर हटाओ, बिजली बिल घटाओ… कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू
दुर्ग। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर दुर्ग के राजीव भवन में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार की बिजली नीति पर जमकर हमला बोला। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर और दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने स्मार्ट मीटर हटाने, बिजली दरों में बढ़ोतरी वापस लेने और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना को दोबारा लागू करने की मांग की।
राकेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बिजली की दरों में लगातार बढ़ोतरी से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद कर लाखों परिवारों से राहत छीन ली गई। साथ ही स्मार्ट मीटर लगने के बाद गलत रीडिंग, अधिक बिल और उपभोक्ताओं की सहमति के बिना अनुबंध भार बढ़ाने जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
उन्होंने स्मार्ट मीटर को “महतारी वंदन वसूली मीटर” बताते हुए कहा कि सरकार ने इसे उपभोक्ताओं पर जबरन थोपा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की महिलाएं अब कह रही हैं कि महतारी वंदन योजना से बेहतर बिजली बिल में राहत दी जाए।
कांग्रेस ने पीएम सूर्य घर योजना को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। राकेश ठाकुर ने कहा कि सरकार सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली उपभोक्ताओं से करीब ₹1.94 प्रति यूनिट में खरीदती है, जबकि वही बिजली करीब ₹8 प्रति यूनिट की दर से वापस बेचती है, जो आम लोगों के साथ आर्थिक अन्याय है।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर हटाने के लिए आवेदन भरवाने का अभियान जिले के सभी ब्लॉकों में शुरू हो चुका है। कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से आवेदन भरवाएंगे। आगामी दो महीने तक यह जनसंपर्क अभियान चलेगा, जिसके बाद आवेदन बिजली विभाग को सौंपे जाएंगे और फिर प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।
दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार स्वयं स्पष्ट कर चुकी है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर किसी भी उपभोक्ता पर जबरन नहीं लगाए जा सकते, लेकिन छत्तीसगढ़ में लोगों की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्य होने के बावजूद छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं को महंगी बिजली मिल रही है और सरकार बिजली व्यवस्था के निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है।
कांग्रेस ने घोषणा की कि बिजली दरों में कमी, स्मार्ट मीटर हटाने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए वार्ड-वार्ड और घर-घर जनजागरण अभियान चलाकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।



