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कृष्ण भक्ति में रंगा दुर्ग: यादव समाज की भव्य शोभायात्रा, दही लूट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन !

  1. जय कन्हैया लाल की… दुर्ग में यादव समाज ने धूमधाम से मनाई जन्माष्टमी
  2. कृष्ण भक्ति में रंगा दुर्ग: यादव समाज की भव्य शोभायात्रा, दही लूट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
  3. यादव समाज की एकजुटता का दिखा नजारा, दुर्ग में निकली भव्य श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा
  4. दुर्ग में गूंजा जय कन्हैया लाल का जयघोष, यादव समाज ने निकाली भव्य शोभायात्रा
  5. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दुर्ग में आस्था और उत्साह का संगम, यादव समाज ने निकाली विशाल शोभायात्रा

दुर्ग जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस वर्ष भी पूरे उत्साह, श्रद्धा और पारंपरिक रंग के साथ मनाया गया। दुर्ग जिला कोसरिया यादव महासभा और यादव समाज के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। वहीं जिले के ग्रामीण और परिक्षेत्र क्षेत्रों में प्रभात फेरी, पूजा-अर्चना और दही लूट यानी मटकी फोड़ जैसे पारंपरिक आयोजन आकर्षण का केंद्र रहे।

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर 6 सितंबर को दुर्ग में यादव समाज की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा को लेकर समाजजनों में पहले से ही खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजकों के अनुसार बड़ी संख्या में यादव समाज के लोग इसमें शामिल हुए और सामाजिक एकता तथा भाईचारे का संदेश दिया।

शोभायात्रा सुबह करीब 10 बजे पोलसायपारा से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए यादव छात्रावास, पंचशीलपारा पहुंची। इसके मार्ग में लुचकी तालाब, चंडी चौक, शिवपारा, गवलीपारा, गांधी चौक, मोती कॉम्प्लेक्स, पुराना बस स्टैंड, इंदिरा मार्केट और फड़िशा कॉम्प्लेक्स जैसे प्रमुख स्थान शामिल रहे।

शोभायात्रा में समाज के वरिष्ठजन, युवा और महिला प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। आयोजन को सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति आस्था को मजबूत करने का माध्यम बताया गया। स्थानीय रिपोर्टों में इस आयोजन में करीब 15 से 20 हजार यादव समाजजनों के शामिल होने की संभावना जताई गई थी।

शोभायात्रा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से पूरा माहौल भक्तिमय नजर आया। पारंपरिक वेशभूषा, भजन, नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। समाज की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी इस दौरान देखने को मिली।

दुर्ग जिले के ग्रामीण और परिक्षेत्र क्षेत्रों में भी जन्माष्टमी को लेकर खासा उत्साह रहा। यादव समाज द्वारा पारंपरिक प्रभात फेरी निकाली गई। भजन-कीर्तन और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के बीच समाजजन गांव और मोहल्लों में निकले। इसके बाद दही लूट और मटकी फोड़ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों से लेकर युवाओं तक ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर भी जन्माष्टमी महोत्सव आयोजित हुए। ग्राम थानौद में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव और शोभायात्रा में यादव समाज के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने भी विभिन्न जन्माष्टमी आयोजनों में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना ki.

जन्माष्टमी के इन आयोजनों में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता की तस्वीर भी देखने को मिली। दही लूट, मटकी फोड़, भजन, नृत्य और पारंपरिक कार्यक्रमों ने पूरे जिले में उत्सव का माहौल बना दिया।

कुल मिलाकर दुर्ग जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सिर्फ धार्मिक पर्व तक सीमित नहीं रही, बल्कि यादव समाज की सामाजिक एकता, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव भी बनी। भव्य शोभायात्रा से लेकर प्रभात फेरी और दही लूट तक, पूरे जिले में कृष्ण भक्ति और उत्साह का रंग देखने को मिला।

Navin Dilliwar

Editor, thesamachaar.in

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