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PCC चीफ दीपक बैज ने संभाला पदभार, कहा- भूपेश हैं तो भरोसा है: बैज के स्वागत में जोशीले कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झूमा-झटकी

  1.  *  एयरपोर्ट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झूमा-झटकी और विवाद 

* CM भूपेश और मरकाम की उपस्थिति में नए PCC चीफ संभाला पद

रायपुर – कई मायनों में कांग्रेस में अन्य सियासी दलों की अपेक्षा कार्यकर्त्ता और पदाधिकारियों को ज्यादा स्वतंत्रता है। इसकी एक बानगी आज नए पीसीसी चीफ सांसद दीपक बैज के रायपुर एयरपोर्ट आगमन पर साफ दिखाई दिया। विवेकानंद एयरपोर्ट के बाहर दीपक बैज जिंदाबाद का नारा गूंजा। रायपुर एयरपोर्ट के बाहर दीपक बैज का स्वागत करने के लिए हजारों की संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे थे। एयरपोर्ट में दीपक बैज एक तरफ कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। वहीं दूसरी तरफ कार्यकर्ताओं में झूमा-झटकी हो रही थी। नए प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज रायपुर पहुंचे और एयरपोर्ट में उनके स्वागत के लिए पार्टी नेता, पदाधिकारी उमड़ पड़े।

सभी इस कोशिश में थे कि पीसीसी चीफ उनके चेहरों को देख ले और स्वागत जोरदार होने का नंबर भी दर्ज हो जाये। इस चक्कर में युवा कांग्रेस और NSUI के समर्थक झूमा झटकी करते दिखे। स्वागत के लिए कई बार विवाद की स्थिति बनती दिखी। एयरपोर्ट से दीपक बैज राजीव भवन पहुंचकर पीसीसी चीफ का पदभार ग्रहण किये। स्वागत करने के लिए कार्यकर्ताओं में विवाद की स्थिति बन गई थी। वैसे पूर्व पीसीसी चीफ मोहन मरकाम के सामने राजीव भवन में पार्किंग को लेकर श्रम कल्याण मंडल के सन्नी अग्रवाल और प्रभारी महामंत्री अमरजीत के बीच भी गंभीर विवाद का वीडियो काफी वायरल हुआ था। हालांकि कार्रवाई उतनी गंभीर नहीं हुई जितनी शर्मनाक घटना थी।

बता दें गुरुवार को दिल्ली में राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात करके सीधे रायपुर पहुंचे हैं। जहां आज राजीव भवन में औपचारिक पदभार लिए। पीसीसी चीफ की कुर्सी सम्हालने के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मंत्री मोहन मरकाम, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संयुक्त सचिव और सह-प्रभारी विजय जांगिड़ समेत मंत्रिमंडल के सदस्य और पार्टी के पदाधिकारी शामिल रहे। सांसद दीपक बैज को जैसे ही नई जिम्मेदारी का एलान हुआ तो उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव केसी वेणुगोपाल, डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और प्रदेश प्रभारी कुमारी सेलजा से मिलकर आभार जताया।

वैसे कांग्रेस के गलियारे में दीपक बैज को मुख्यमंत्री की पसंद माना जाता है। आने वाले दिनों में टिकट वितरण से लेकर चुनाव प्रबंधन में प्रदेश अध्यक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। ऐसे में सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल नजर आएगा।

सबसे युवा सांसद बैज का सियासी सफर

0 दीपक बैज बस्तर के आदिवासी नेता हैं।
0 14 जुलाई 1981 को बस्तर के गढिया में जन्म।
0 राजनीतिक यात्रा की शुरुआत छात्र जीवन से हुई।
0 2008 में वे NSUI के जिलाध्यक्ष बनाए गए थे।
0 2009 में वे ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लोहांडीगुडा के कार्यकारी अध्यक्ष बने।
0 2012 में पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाए गए।
0 2013 में पहली बार उन्हें विधानसभा का टिकट मिला और जीत दर्ज की।
0 2018 के चुनाव में फिर विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की।
0 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में बस्तर से सासंद बने।

Navin Dilliwar

Editor, thesamachaar.in

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