
*- सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस का हो संचालन
*- राशन दुकानों में 20 तारीख को चावल उत्सव
*- खदानों का होगा सीमांकन
*- कलेक्टर ने लंबित समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा की
दुर्ग – कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में अधिकारियों की बैठक में लंबित समय-सीमा प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्हांेने कहा कि अधिकारी बायोमेट्रिक अटेडेंस पर विशेष ध्यान देवें। निर्धारित समय के पूर्व कार्यालय पहुंचकर स्वयं की उपस्थिति बायोमेट्रिक अटेडेंस के माध्यम से सुनिश्चित करें। साथ ही अधिनस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों को भी समय पर कार्यालय पहुंचकर और उपस्थिति बायोमेट्रिक अटेडेंस में दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने मौके पर जिला कार्यालय में अधिकारी/कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति का अवलोकन किया। विलम्ब से पहुंचने वाले और प्रक्रिया के प्रति उदासीन बरतने वालों पर नाराजगी व्यक्त किये। उन्हांेने कहा कि सभी कार्यालयों मंे अधिकारी स्वयं सुबह 10 बजे से पूर्व पहुंचना सुनिश्चित करें, ताकि मातहत कर्मचारी भी समय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर सकें। कलेक्टर ने कार्यालयों की संचालन प्रणाली हेतु ई-ऑफिस पर जोर देते हुए कहा कि सभी कार्यालयों में नई फाइले ऑनलाईन ई-ऑफिस के माध्यम से बनायी जाए। अधिकारी अधिनस्थ कार्यालयों में भी अधिकारी/कर्मचारी व ऑनबोर्डिंग की व्यवस्था कर ई-ऑफिस प्रणाली संचालित करें। विभागों के अधिकारी/कर्मचारियों की गोपनीय प्रतिवेदन ऑनलाईन ई-ऑफिस के माध्यम से बनेगी। कलेक्टर ने अगवत कराया कि जिले के राशन दुकानों में 20 तारीख को चावल उत्सव मनाया जाएगा। उन्हांेने नान और खाद्य विभाग के अधिकारियों को समय पूर्व सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में चावल का भण्डारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों और स्कूली बच्चों का जिनका अभी तक आधार कार्ड नहीं बना है, उसके लिए शिविर लगाकर आधार कार्ड बनाये जाएंगे। इस दौरान ऐसे बच्चे जिनका जन्म प्रमाण पत्र नहीं बन पाया, उन बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में स्वीकृत आंगनबाड़ी भवन की जानकारी ली। साथ ही निर्माण कार्य एजेंसी विभागों को शीघ्र निर्माण प्रारंभ कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिले के सभी स्कूलों में बालिका शौचालय की व्यवस्था हो, ऐसे स्कूल जहां बालिका शौचालय नहीं है, वहां निर्माण हेतु जिला शिक्षा अधिकारी शासन को प्रस्तावित करें। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को संबंधित क्षेत्र में संचालित खदानों का सीमांकन करने तथा अवैध खनिज उत्खनन पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी एसडीएम और तहसीलदार को अवैध उत्खनन के मौका-निरीक्षण के दौरान जितना उत्खनन हुआ है घनमीटर माप कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अवैध उत्खनन के माप अनुसार ही जुर्माना अधिरोपित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व के सभी अविवादित प्रकरण ग्राम पंचायत से हस्तांतरित होना है। सभी एसडीएम इस हेतु आवश्यक पहल करना सुनिश्चित करें। पीएचई विभाग द्वारा जिन गांवों में नल-जल योजना अंतर्गत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुकी है, उसे पंचायत को हैण्डओवर किया जाना है। योजना के संचालन हेतु संबंधित जनपद पंचायत के माध्यम से नल-जल मित्र का चयन किया जाना है। कलेक्टर ने कहा कि नगरीय निकाय एवं जनपद पंचायत के अधिकारी आगामी ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए पानी की समस्या वाले गांवों को चिन्हांकित कर आवश्यक व्यवस्थाएं हेतु अभी से पहल करना सुनिश्चित करंे। कलेक्टर ने प्राधिकरण के कार्याें की समीक्षा के दौरान अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के स्वीकृत निर्माण कार्य प्रारंभ कराने तथा जो निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, ऐसे कार्यों पर यु.सी./सी.सी. सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को प्रेषित करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार निर्माण कार्य एजेंसी विभागों को पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत कार्य दो माह में पूर्ण कराने के निर्देश दिये। उन्होंने जिला पंजीयक सहकारी समितियां को 31 नई सहकारी समितियों के लिए जमीन आबंटन एवं अन्य व्यवस्था हेतु आवश्यक पहल करने के निर्देश दिये। उन्होंने विगत 12 अक्टूबर 2025 को आयोजित कलेक्टर कांफ्रेस के दौरान विभागों को दिये गये निर्देशों के संबंध में पालन प्रतिवेदन तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत करने अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में एसआईआर के दौरान नोटिस उपरान्त दस्तावेज सत्यापन कार्य की विधानसभावार समीक्षा की गई एवं सभी ई.आर.ओ. को कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिये गये। कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान समय-सीमा के प्रकरणों को समयावधि में निराकृत करने के निर्देश दिये। बैठक में वनमंडलाधिकारी दीपेश कपिल, एडीएम अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ बजरंग दुबे, अपर कलेक्टर बिरेन्द्र सिंह एवं योगिता देवांगन, नगर निगम भिलाई के आयुक्त राजीव पाण्डेय, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त सुमीत अग्रवाल, नगर निगम रिसाली की आयुक्त मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई चरोदा के आयुक्त दशरत राजपूत, संयुक्त कलेक्टर हरवंश सिंह मिरी एवं शिल्ली थामस, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ एवं समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।



