
रायपुर – छत्तीसगढ़ सरकार के आबकारी विभाग ने साल 2025-26 के लिए शराब की नई दरें निर्धारित कर दी हैं। नई दरों के मुताबिक एक अप्रैल से प्रदेश में शराब की कीमतों में 4 प्रतिशत की कमी आएगी। इसका मतलब यह हुआ कि 1000 रुपये की बोतल पर 40 रुपये तक कीमत कम हो जाएगी। नए निर्णय के मुताबिक मैकडॉवेल नंबर वन का पौव्वा प्रदेश में नहीं बिकेगा। अन्य नामचीन ब्रांडों की कीमतों में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष कमी आएगी। गोवा 120 में मिलेगी।
आबकारी विभाग ने थोक में शराब खरीदने के लिए कीमत ऑफर किए थे। जिससे शराब की सप्लाई कम कीमत पर सुनिश्चित की जा सके। 20 मार्च को इसे खोला गया, जिसमें कंपनियों के साथ बातचीत कर समझौता किया गया है। इसके बाद शराब की फुटकर दरें तय कर सभी जिलों के कलेक्टरों को सर्कुलर भेजा गया। नए कीमत में ब्रांडेड शराब की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक कमी भी आ सकती है। बता दें कि छत्तीसगढ़ में सरकारी शराब दुकानों में 2161 करोड़ रुपये का घोटाला होना बताया गया था, जिसकी अभी जांच भी चल रही है। कई लोग अभी जेल में बंद हैं।
12 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य
पिछले दिनों बैठक में अवगत कराया गया था कि राज्य शासन द्वारा नवीन वित्तीय वर्ष में आबकारी विभाग के लिए साढ़े 12 हजार करोड़ रुपये आबकारी आय का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शासन की नई आबकारी नीति के तहत देशी-विदेशी मदिरा की विक्रय दर विगत वर्ष की अपेक्षा कम होगी। राज्य में विक्रय दर कम होने से अन्य प्रदेशों से अवैध परिवहन की जाने वाली मदिरा पर नियंत्रण होगा। आबकारी एवं अद्योसंरचना शुल्क गत वर्ष की अपेक्षा कम किया गया है। राज्य में 67 नई शराब दुकान खोले जाने के लिए अनुमति भी दी गई है। मदिरा दुकान विहीन क्षेत्र में नवीन शराब दुकान खोले जाने से सही दर पर सही मदिरा शासन की संचालित दुकान से मिलेगी।
