बिलासपुरछत्तीसगढ़

ट्रेन हादसे में बड़ा खुलासा, इस वजह से मालगाड़ी में जा भिड़ी पैसेंजर ट्रेन, मामले में पहली FIR दर्ज

बिलासपुर – बिलासपुर के लाल खदान स्टेशन के पास हुए भीषण रेल हादसे की कई स्तरों पर जांच शुरू हो गई है। मामले में रेलवे की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है। खुलासे में यह बात सामने आई है कि ट्रेन को गलत सिग्नल वाली लाइन पर चलाया गया, जिससे यह हादसा हुआ। पैसेंजर ट्रेन के मृत चालक पर जुर्म दर्ज किया गया है। असिस्टेंट चालक की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है।

ट्रेन के मृत चालक विद्या सागर के खिलाफ स्टेशन अधीक्षक निखलेश विठालकर ने तोरवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। तोरवा थाना पुलिस ने ट्रेन चालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 106 ए, 125 एवं रेलवे एक्ट की धारा 153, 154, 175 के तहत जुर्म दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि 4 नवंबर को लालखदान क्षेत्र में रेल हादसा हुआ था जिसमें अभी तक अधिकृत तौर पर 11 यात्रियों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा 20 घायलों का इलाज जारी है।

ट्रेन हादसे से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है। ट्रेन हादसे के पीछे कई महत्वपूर्ण तथ्य रेल अधिकारियों के डाटा-बॉक्स के माध्यम से उजागर हुए हैं। हादसे के समय मेमू ट्रेन 76 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थी। ट्रेन के लोको पायलट ने हादसे से पहले इमरजेंसी ब्रेक लगाया जिससे ट्रेन की रफ्तार कम हुई और बड़ा हादसा टल गया। रेल अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन ने 48 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से मालगाड़ी को टक्कर मारी। यदि लोको पायलट ने समय रहते ब्रेक नहीं लगाया होता तो यह दुर्घटना और भी गंभीर हो सकती थी। हादसे के डाटा-बॉक्स की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि लोको पायलट की त्वरित प्रतिक्रिया ने यात्रियों और माल दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की।

 

Navin Dilliwar

Editor, thesamachaar.in

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!