दुर्ग नगर निगमछत्तीसगढ़दुर्ग

नगर निगम की बड़ी कार्रवाई – बकाया टैक्स पर 4 करदाताओं के कटे नल कनेक्शन

▶️आयुक्त सुमित अग्रवाल सख्त – वसूली शतप्रतिशत सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

▶️वार्ड 01 से 60 तक जारी रहेगी कार्रवाई, बड़े बकायादारों पर निगम की कड़ी नजर,कर नहीं चुकाने वालों को चेतावनी, टैक्स जमा न करने पर नल कनेक्शन काटे जाएंगे

▶️बकाया कर नहीं चुकाने पर निगम ने काटे नल कनेक्शन

दुर्ग – नगर पालिक निगम दुर्ग के आयुक्त सुमित अग्रवाल ने राजस्व वसूली को लेकर सख्त तेवर दिखाए हैं। उन्होंने राजस्व विभाग अमल की बैठक लेकर स्पष्ट कहा कि नगर निगम की आय का सबसे बड़ा स्त्रोत टैक्स वसूली है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रत्येक वार्ड में वसूली का प्रतिशत शत-प्रतिशत होना चाहिए।

कार्रवाई शुरू – बड़े बकायादारों के कटे नल कनेक्शन-

आयुक्त के निर्देश के बाद निगम अमले ने विभिन्न वार्डों में बकायादारों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

वार्ड क्रमांक 19 में शांति बाई / रामदुलार प्रसाद पर वर्ष 2018 से लेकर 2025-26 तक चालू एवं बकाया कर की राशि ₹51,837 बकाया थी। राशि जमा न करने पर निगम ने उनका नल कनेक्शन काट दिया।

वार्ड क्रमांक 22 में तीन बड़े बकायादारों पर कार्रवाई की गई-

1. मंगल सिंह / रमाई भगवान – 2010 से 2025-26 तक बकाया ₹70,261

2. जगन्नाथ यादव / हनुमान यादव – 2014 से 2025-26 तक बकाया ₹56,353

3. कन्हैया लाल / मानसिंह यादव – 2017 से 2025-26 तक बकाया ₹54,571

तीनों करदाताओं के नल कनेक्शन निगम की टीम ने काट दिए।

आयुक्त का सख्त संदेश-

आयुक्त अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम सीमा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 01 से 60 तक जिन बड़े बकायादारों ने अब तक टैक्स नहीं चुकाया है, उनके विरुद्ध भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि जो भी नागरिक अपने बकाया टैक्स को लेकर उदासीनता दिखाएंगे, उन्हें न केवल नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई झेलनी होगी बल्कि आगे की कानूनी कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी।

लगातार जारी रहेगी कार्रवाई-

आयुक्त ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राजस्व वसूली पर नियमित समीक्षा हो और कार्रवाई में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि जनता के हित में शहर के विकास कार्य और बुनियादी सुविधाओं के लिए निगम को वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता है, और इसके लिए करों की वसूली अत्यंत आवश्यक है।

Navin Dilliwar

Editor, thesamachaar.in

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