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CBI रेड को लेकर विधायक ललित चन्द्राकर ने भूपेश बघेल पर किया तीखा प्रहार,क्या बोले पढ़े पूरी ख़बर

सीबीआई जांच की खुद मांग की और अब सीबीआई की जांच का विरोध कर रहे है !

सत्ता में रहते सीबीआई को बैन रखा,सत्ता जाने के बाद सीबीआई जांच की खुद मांग की और अब सीबीआई की जांच का विरोध कर रहे है भूपेश.

सीबीआई जाँच कर रही है तो दबाव बनाने के लिए सारे हथकण्डे अपना रहे हैं : ललित चंद्राकर

दुर्ग –  भारतीय जनता पार्टी के दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा है कि महादेव सट्टा एप मामले में सीबीआई के छापों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चाहे जितना मिथ्या प्रलाप कर लें, प्रदेश की जनता अब उनके झूठे प्रपंचों के झाँसे में नहीं आने वाली है। श्री चंद्राकर ने कहा कि अपने मुख्यमंत्रित्व काल में तो बघेल ने सीबीआई को प्रतिबंधित कर रखा था। यदि उनकी नीयत साफ थी तो मुख्यमंत्री रहते हुए ही बघेल यह मामला सीबीआई को सौंप देते। जब सत्ता हाथ से चली गई तब वह इस मामले की सीबीआई से जाँच की मांग करने लगे।श्री चंद्राकर ने कटाक्ष किया कि अब सीबीआई जाँच कर रही है तो दबाव बनाने के लिए सारे हथकण्डे अपना रहे हैं। महादेव सट्टा एप मामले में जिस तरह बघेल ने भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार पर ठीकरा फोड़ने की नाकाम कोशिश की है, वह नितांत हास्यास्पद और उनके मानसिक असंतुलन का परिचायक है।

भाजपा विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की भूपेश सरकार एक ऐसी सरकार के तौर पर जानी जाती रही है, जो अपने ही राजस्व पर डाका डालने का काम करती रही और सरकारी खजाने की लूट को संरक्षण देती रही। बघेल यह याद रखें कि महादेव सट्टा ऐप ही सिर्फ एक मामला नहीं है। ऐसे अनेक घोटाले हैं, जिनमें बघेल की जवाबदेही बनती है। शराब, कोयला, रेत, जमीन घोटालों के साथ ही डीएमएफ घोटाला भी जाँच के दायरे में है। विधायक ललित चंद्राकर ने हैरत जताई कि डीएमएफ घोटाले को लेकर भूपेश सरकार के ही मंत्री रहे जयसिंह अग्रवाल ने बकायदा पत्र लिखा था, लेकिन बघेल ने बजाय अग्रवाल के पत्र को गंभीरता से लेने के संबंधित कलेक्टर को उपकृत किया और आज वह अधिकारी जेल की सलाखों के पीछे जमानत के लिए मोहताज है। डीएमएफ घोटाले पर तो विधानसभा में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भी खुलासे किए थे, लेकिन नतीजा यह हुआ कि मरकाम को अध्यक्ष पद से हाथ धोना पड़ा।

भाजपा विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि घपलों-घोटालों में बघेल सरकार के सहयोगी अधिकारियों को भूपेश बघेल ने न केवल संरक्षण दिया, अपितु उनके गिरफ्तार होने पर वे सरेआम उनके वकील बने रहे । श्री चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश में सीबीआई को प्रतिबंधित करके पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने अपने भ्रष्ट कारनामों के इरादों की पटकथा की जो भूमिका लिखी थी, अब उसका जवाब देने का समय आया है तो बघेल समेत तमाम कांग्रेसी रोना-धोना मचा रहे हैं। श्री चंद्राकर ने कहा कि बघेल यह कतई नहीं भूलें कि प्रदेश भर में उन्होंने जो अपने कार्यकाल में घोटालों की श्रृंखला चलाई थी, अभी तो उसकी जाँच की यह शुरु‌आत है। अभी तो बघेल को तमाम घोटालों की जवाबदेही से जूझना है और प्रदेश को अपने शासनकाल में मचाई गई लूट की पाई-पाई का हिसाब देना है।

Navin Dilliwar

Editor, thesamachaar.in

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