छत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाई विशेष

राज्यपाल डेका ने भिलाई में एटमास्टको लिमिटेड की बुलेटप्रूफ जैकेट एवं हेलमेट फैक्ट्री का किया उद्घाटन

*भिलाई की एटमास्टको लिमिटेड बनी राष्ट्रीय सुरक्षा की भागीदार -राज्यपाल रमेन डेका

*-एटमास्टको लिमिटेड का रक्षा क्षेत्र में कदम, 250 नई नौकरियां और जीडीपी में बढ़ेगा योगदान

दुर्ग – छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल  रमेन डेका आज दुर्ग जिले के प्रवास के दौरान नंदनी स्थित रक्षा उपकरण निर्माता कंपनी एटमास्टको लिमिटेड की बुलेटप्रूफ जैकेट एवं हेलमेट निर्माण इकाई के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित हुए। उन्होंने फीता काटकर फैक्ट्री का विधिवत उद्घाटन किया।

इस अवसर पर राज्यपाल डेका ने परिसर में एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधा रोपण किया। उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि आज भिलाई के औद्योगिक केंद्र से उभरती एक उल्लेखनीय सफलता की कहानी देखकर बेहद खुशी हो रही है। 35 वर्षों से अधिक समय से, एटमास्टको समूह छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, यह साबित करते हुए कि स्थानीय विशेषज्ञता वास्तव में राष्ट्रीय स्तर की सफलता हासिल कर सकती है। उन्होंने कहा कि सन् 1987 में भिलाई में एक छोटी सी शुरुआत से, एटमास्टको एक शक्तिशाली औद्योगिक ताकत के रूप में विकसित हुई है। एक महत्वपूर्ण मोड़ फरवरी 2024 में आया, जब एटमास्टको लिमिटेड ने एनएसई पर सूचीबद्ध होकर आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय स्तर पर कदम रखा।

राज्यपाल डेका ने कहा कि यह एक ऐसी कंपनी है जो ज़िम्मेदारी के महत्व को समझती है। यह कंपनी हर साल 20 हजार मीट्रिक टन भारी इंजीनियरिंग निर्मित स्टील का उत्पादन करती है। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह समुदाय के लिए जीवन रेखा है, जो उन्हें सर्विस देते हैं। छत्तीसगढ़ के भिलाई में स्थित एटमास्टको ने टाटा स्टील, अडानी, वेदांता, एलएंडटी, भेल, एनटीपीसी जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ साझेदारी करते हुए देशभर में कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा एवं स्टील परियोजनाओं का सफलतापूर्वक निष्पादन किया है। इनमें जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर निर्मित विश्व का सबसे ऊँचा रेलवे पुल भी शामिल है। यह दो हजार परिवारों को आजीविका प्रदान करती है और राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सालाना 350 करोड़ रुपये का योगदान देती है। जब हम अपने राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की बात करते हैं, तो हम एटमास्टको की बात कर रहे होते हैं। हालांकि, आज हम एटमास्टको पर इतनी बारीकी से नज़र इसलिए रख रहे हैं क्योंकि उन्होंने रक्षा क्षेत्र में साहसिक कदम रखा है। 2025 में एटमास्टको डिफेंस सिस्टम्स की स्थापना के साथ, उन्होंने बुनियादी ढांचे के निर्माण से हटकर लोगों की जान बचाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। डीआरडीओ से महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्राप्त करने के बाद, वे अब हमारे सशस्त्र बलों और पुलिस के लिए जीवन रक्षक बुलेटप्रूफ जैकेट और बीआईएस मानकों के 6 स्तर के बैलिस्टिक हेलमेट का निर्माण कर रहे हैं। भिलाई स्थित एक कंपनी को हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा में इतनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते देखना गर्व का क्षण है।

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि अगले तीन वर्षों के लिए विकास योजना भी उतनी ही प्रभावशाली है। अनुमान है कि एटमास्टको से अतिरिक्त 250 नौकरियां सृजित होंगी और राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 350 करोड़ रुपये का अतिरिक्त योगदान होगा। किसी ब्रांड का 35 वर्षों तक अपनी विरासत को बरकरार रखते हुए इतना फुर्तीला और रचनात्मक बने रहना दुर्लभ है। भारी इस्पात से लेकर बैलिस्टिक सुरक्षा तक, एटमास्टको लिमिटेड न केवल विकास कर रही है, बल्कि भारत को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने में भी योगदान दे रही है। मैं चाहता हूँ कि वे हमारे देश के लिए अपना योगदान जारी रखें।

इस अवसर पर संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर अभिजीत सिंग, आईजी अभिषेक शांडिल्य एसपी विजय अग्रवाल, एसपी एटमास्टको डिफेंस सिस्टम्स के डायरेक्टर  विजय चंदर अय्यर, एमडी  स्वामीनाथन, सचिव सीआर प्रसन्ना, ग्रुप सीईओ जी चन्द्रशेखर सहित बड़ी संख्या में कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

Navin Dilliwar

Editor, thesamachaar.in

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