बचपन के दोस्त ने की 27 लाख की धोखाधड़ी… पत्नी के साथ मिलकर लगाया चूना, कोर्ट के आदेश पर FIR!
27 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पाटन पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर अनिरुद्ध ताम्रकार और उसकी पत्नी भावना ताम्रकार के खिलाफ धारा 296, 3(5), 318, 351(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है। आरोपित आपस में पति-पत्नी हैं। प्रार्थी आकाश कुमार शर्मा और आरोपित अनिरुद्ध ताम्रकार बचपन के दोस्त हैं...

- बचपन के दोस्त ने हड़पे ₹21 लाख, प्रोटीन सप्लीमेंट के नाम पर ली सप्लाई
- बकाया मांगने पर दी पत्नी के जरिए झूठे केस में फंसाने की धमकी
- पुलिस की सुस्ती पर कोर्ट का कड़ा रुख, पति-पत्नी पर FIR के आदेश
दुर्ग। 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पाटन पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर अनिरुद्ध ताम्रकार और उसकी पत्नी भावना ताम्रकार के खिलाफ धारा 296, 3(5), 318, 351(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है। आरोपित आपस में पति-पत्नी हैं। प्रार्थी आकाश कुमार शर्मा और आरोपित अनिरुद्ध ताम्रकार बचपन के दोस्त हैं और एक ही मोहल्ले के रहवासी रहे हैं।
वेतन न मिलने का बहाना बनाकर ली प्रोटीन सप्लीमेंट की सप्लाई
पाटन पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रार्थी आकाश कुमार शर्मा द्वारा प्रस्तुत परिवाद के अनुसार, वह वर्ष 2017 से प्रोटीन सप्लीमेंट का होलसेल व्यापार कर रहा है। आरोपित अनिरुद्ध ताम्रकार, जो जनपद कार्यालय पाटन में संविदा पर जूनियर इंजीनियर के पद पर पदस्थ है, ने वर्ष 2021 में वेतन न मिलने का हवाला देकर आर्थिक परेशानी बताई और अपनी पत्नी भावना ताम्रकार के नाम से रिसाली (भिलाई-दुर्ग) में प्रोटीन सप्लीमेंट की दुकान खोलने की बात कही।
27 लाख का माल लिया, भुगतान के बदले दी झूठे केस में फंसाने की धमकी
विश्वास के आधार पर प्रार्थी ने आरोपित की पत्नी के नाम से संचालित दुकान आदिशक्ति इंटरप्राइजेस, रिसाली को सितंबर 2021 से अक्टूबर 2021 के बीच लगभग 27 लाख रुपये मूल्य का प्रोटीन सप्लीमेंट सामग्री सप्लाई किया। प्रार्थी आकाश ने आरोपित अनिरुद्ध ताम्रकार से सप्लाई किए गए सामान के एवज में रकम भुगतान करने कहा तो आरोपित ने विभिन्न किश्तों में जून 2022 तक छह लाख रुपये दिए। आरोपित शेष रकम का भुगतान करने में टाल-मटोल करता है और उसने प्रार्थी का फोन उठाना भी बंद कर दिया। आरोपित ने एक दिन फोन उठाया तो प्रार्थी को अपनी पत्नी के साथ छेड़खानी के केस में फंसाने की धमकी देते हुए कहा कि अपनी रकम भूल जाओ।
पुलिस की कार्रवाई न होने पर कोर्ट पहुंचा प्रार्थी
प्रार्थी आकाश शर्मा ने उक्त मामले की शिकायत 25 अक्टूबर 2025 को पाटन थाना में दर्ज कराई जिस पर धारा 155 के तहत गैर-संज्ञेय प्रविष्टि की गई। इसके बाद 28 अक्टूबर 2025 को पुलिस अधीक्षक दुर्ग को भी लिखित शिकायत दी गई, किंतु कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर आकाश ने न्यायालय की शरण ली। परिवाद पर सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पाटन ने प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजों, शपथ पत्र एवं पुलिस प्रतिवेदन का अवलोकन करते हुए प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाया। मामले में आरोपितों के खिलाफ अपराध दर्ज करने का आदेश भी दिया।



