
*बजट 2026: स्वावलंबन से समृद्धि, समृद्धि से विकसित भारत
*किसान, युवा, महिला और उद्योग — साथ मिलकर बनेगा विकसित भारत
*बजट 2026 विकसित भारत के सपनों को साकार करने वाला बजट
दुर्ग – कैट दुर्ग इकाई के अध्यक्ष प्रकाश सांखला, स्वावलंबी भारत अभियान छत्तीसगढ़ प्रांत सह समन्वयक संजय चौबे, महामंत्री प्रकाश गोलछा, चेयरमैन पवन बडजात्या, एमएसएमई प्रभारी मोहम्मद अली हिरानी, युवा इकाई अध्यक्ष रवि केवलतानी, आशीष खंडेलवाल, महिला इकाई अध्यक्ष पायल जैन एवं गूंजा पींचा ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने वाला बजट है।
स्वावलंबी भारत अभियान छत्तीसगढ़ प्रांत सह समन्वयक संजय चौबे ने कहा कि बजट 2026 केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आम आदमी, किसान, युवा, महिला और उद्यमियों के भविष्य का रोडमैप है।आत्मनिर्भर और स्वावलंबी भारत की दिशा में मजबूत कदम
उन्होंने कहा कि MSME, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित यह बजट स्वावलंबी भारत अभियान की मूल भावना को मजबूती देता है और देश को आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से ले जाएगा।
कैट दुर्ग इकाई के अध्यक्ष प्रकाश सांखला ने कहा कि व्यापार और उद्योग के लिए भरोसेमंद बजट एवं बजट में MSME सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड और माइक्रो एंटरप्राइजेज के लिए 2,000 करोड़ रुपये का अलग फंड छोटे व्यापारियों और उद्योगों के लिए जीवनरेखा साबित होगा।
उन्होंने कहा कि TReDS प्लेटफॉर्म को अनिवार्य करना व्यापारियों की लिक्विडिटी समस्या को दूर करेगा और भुगतान प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाएगा।
प्रकाश सांखला ने कहा कि 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा से व्यापारिक आवाजाही तेज़ होगी, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और टियर-2 व टियर-3 शहरों को नए अवसर मिलेंगे।
संजय चौबे ने इसे देश के औद्योगिक और सामाजिक ढांचे को जोड़ने वाला निर्णय बताया साथ ही कहा कि हाई-स्पीड रेल से मिलेगा व्यापार और क्षेत्रीय विकास को बल
संजय चौबे ने कहा कि 3 नए आयुर्वेद AIIMS और 5 क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों की घोषणा भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को वैश्विक मंच पर ले जाने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों के उन्नयन से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी।स्वास्थ्य और आयुर्वेद को पुन: पहचान मिलेगी
महिला इकाई अध्यक्ष पायल जैन और गूंजा पींचा ने कहा कि हर जिले में लड़कियों के छात्रावास और विश्वविद्यालय टाउनशिप की योजना महिला शिक्षा और आत्मनिर्भरता को नई दिशा देगी।शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और युवा भारत
युवा इकाई अध्यक्ष रवि केवलतानी ने कहा कि यह बजट युवाओं को रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता के लिए भी प्रेरित करेगा।
एमएसएमई प्रभारी मोहम्मद अली हिरानी ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी का नया युग मेगा टेक्सटाइल पार्क, केमिकल क्लस्टर, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
इसी तारतम्य में आगे संजय चौबे ने कहा कि 12.20 लाख करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर रोजगार सृजन, उद्योग विस्तार और ग्रामीण-शहरी संतुलन को मजबूत करेगा।कैपिटल एक्सपेंडिचर से मिलेगा रोजगार।
उन्होंने कहा कि यह बजट “नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला भारत” बनाने की दिशा में है।
अंत में प्रकाश सांखला और संजय चौबे दोनों ने कहा कि बजट 2026 आर्थिक विकास, सामाजिक समावेशन और आत्मनिर्भरता का संतुलित दस्तावेज है, जो भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की नींव मजबूत करेगा।



