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बिना मान्यता संचालित श्री शंकरा विद्यालय में एडमिशन, आवेदक ने की शिकायत

*नाली बंद होने व सड़क ढलान बदलने से जलजमाव, वार्डवासी आवेदन लेकर पहुंचे जनदर्शन

*- जनदर्शन में कुल 113 आवेदन हुए प्राप्त

दुर्ग – जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 113 आवेदन प्राप्त हुए।

इसी कड़ी में नगपुरा के कृषकों ने बीज से अंकुरण नही होने की शिकायत की। कृषकों ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम रुआबांधा द्वारा उपलब्ध कराए गए गेहूं किस्म एच.आई. 8759 के बीजों का अंकुरण बेहद कम हुआ है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सेवा सहकारी समिति नगपुरा से 6 बोरी गेहूं बीज खरीदा था। बीज की बुआई नदी किनारे कछार भूमि में की गई, लेकिन आज तक केवल 10 से 15 प्रतिशत ही अंकुरण हो पाया है। इस पर कलेक्टर ने प्रबंधक बीज निगम को बीज की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए

इसी प्रकार मैत्रीकुंज रिसाली निवासी ने सेक्टर-10 स्थित श्री शंकरा विद्यालय पर बिना वैध मान्यता के छात्रों का नवीन प्रवेश लेने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि विद्यालय की मान्यता 31 मार्च 2025 तक ही वैध थी, जिसके बाद आवश्यक वर्तमान कार्यकारिणी सूची जमा नहीं करने के कारण जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग द्वारा विद्यालय की मान्यता समाप्त कर दी गई। इसके बावजूद श्री शंकरा विद्यालय प्रबंधन द्वारा ग्राम कोनारी में नया विद्यालय खोलकर बिना मान्यता व मनमानी ढंग से स्टाफ नियुक्त कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दिया गया है। इस पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निरीक्षण कर त्वरित कार्यवाही करने को कहा।

वार्डवासियों ने आदित्यनगर वार्ड क्रमांक 20 में नाली बंद किए जाने और सड़क का ढलान बदलने से गंभीर जलजमाव व गंदगी की समस्या की शिकायत की। वार्डवासियों ने बताया कि पिछले 10-15 वर्षों से कुछ मकान मालिकों द्वारा सड़क का निजी उपयोग करते हुए नाली को बंद कर दिया गया। जब सड़क निर्माण किया गया तो नाली को पूरी तरह से बंद कर सड़क का ढलान घर की ओर कर दिया गया। इससे गंदा पानी घर के सामने जमा होने लगा है। स्थायी जलजमाव के कारण क्षेत्र में दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इस संबंध में वार्ड पार्षद, नगर निगम आयुक्त एवं संबंधित जोन कार्यालय को भी अवगत कराया गया था। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम दुर्ग को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा

Navin Dilliwar

Editor, thesamachaar.in

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