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बीजापुर पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया, आरोपी के अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोजर

बीजापुर – पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में प्रशासन ने एक निर्णायक कदम उठाते हुए मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चला दिया। राजस्व विभाग और नगर पालिका की संयुक्त कार्रवाई में उस बाड़े को ध्वस्त कर दिया गया, जहां मुकेश की नृशंस हत्या की गई थी।

यह वही बाड़ा था जो चट्टान पारा इलाके में स्थित था और जहां पत्रकार मुकेश चंद्राकर का शव सेप्टिक टैंक में छिपाया गया था। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए टैंक का ढक्कन बंद कर कंक्रीट की ढलाई तक कर दी थी। पुलिस ने क्राइम सीन को सील कर दिया था और अब प्रशासन ने उक्त अवैध निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।

भ्रष्टाचार उजागर करने की मिली सजा-

मुकेश चंद्राकर ने गंगालूर-मिरतुर सड़क परियोजना में भारी भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का खुलासा किया था। यही उनकी हत्या की मुख्य वजह बनी। वह 1 जनवरी से लापता थे और 3 जनवरी को उनका शव आरोपी सुरेश चंद्राकर के मजदूरों के बाड़े के सेप्टिक टैंक से मिला था। इस मामले में सुरेश सहित उसके भाई रितेश और दिनेश, तथा सुपरवाइज़र महेंद्र रामटेके को गिरफ्तार किया जा चुका है।

SIT जांच में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा-

SIT की जांच में पता चला कि 73 करोड़ की लागत से स्वीकृत सड़क परियोजना में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से भारी भ्रष्टाचार हुआ था। सुरेश चंद्राकर को पुलिस ने हैदराबाद से गिरफ्तार किया था।

मुकेश: नक्सल क्षेत्र में निर्भीक पत्रकारिता की मिसाल-

मुकेश चंद्राकर बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सच उजागर करने वाले चुनिंदा पत्रकारों में शामिल थे। 2021 में टकलगुड़ा माओवादी हमले के बाद उन्होंने कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास की रिहाई में भी अहम भूमिका निभाई थी। उनकी हत्या लोकतंत्र और पत्रकारिता दोनों के लिए गहरी क्षति है।

Navin Dilliwar

Editor, thesamachaar.in

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