
दुर्ग – भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई ने अपने परिसर में 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत उत्साह के साथ मनाया । कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ, जिसके बाद राष्ट्रगान की प्रस्तुति हुई । इस अवसर पर शैक्षणिक क्षेत्र में सुरक्षा कर्मियों द्वारा पारंपरिक ‘मार्च पास्ट’ का भी आयोजन किया गया। प्रो. राजीव प्रकाश ने अपने संबोधन में राष्ट्र द्वारा संरक्षित संवैधानिक मूल्यों पर प्रकाश डाला । उन्होंने युवा पीढ़ी को उनके अधिकारों के साथ-साथ देश के प्रति मौलिक कर्तव्यों के महत्व की भी याद दिलाई । उन्होंने उन महान विभूतियों और अग्रदूतों के ज्ञान और दूरदर्शिता को नमन किया, जिन्होंने एक मजबूत, लचीले और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखी ।
संस्थान की हालिया सफलताओं का उल्लेख करते हुए निदेशक, प्रो. प्रकाश ने बताया कि आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (IBITF) द्वारा विकसित विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) छत्तीसगढ़ को 30 मार्च 2025 को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया था । रीयल-टाइम एनालिटिक्स और एआई (AI) पर आधारित यह प्लेटफॉर्म वर्तमान में 56,000 से अधिक स्कूलों, 57 लाख छात्रों और 1.8 लाख शिक्षकों की निगरानी कर रहा है । वर्ष 2025 में 2.5 करोड़ पाठ्यपुस्तकों की रीयल-टाइम ट्रैकिंग के माध्यम से सरकारी व्यय में 40 करोड़ रुपये की बचत की है ।

संस्थान की तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाते हुए, प्रो. प्रकाश ने डेटा सेंटर के लिए एक अत्याधुनिक ‘इन-रो कूलिंग सिस्टम’ का उद्घाटन किया । इसे संस्थान की ‘सूचना प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचा सेवा’ (ITIS) टीम द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है । यह प्रणाली बिग डेटा क्लस्टर, मशीन लर्निंग और हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग (HPC) जैसे उच्च-स्तरीय सर्वरों के सुचारू संचालन में सहायक होगी ।
समारोह के दौरान छात्र – छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई । इस दौरान मेधावी छात्रों को निम्नलिखित प्रतिष्ठित पुरस्कारों पी.के. जैन मेमोरियल अवार्ड, गीतामल घोष रॉय अवार्ड, एलुमनी एसोसिएशन यंग रिसर्चर अवार्ड, आर.पी. सिंह मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन संस्थान के कुलसचिव विंग कमांडर डॉ. जयेश चंद्र एस. पै. (सेवानिवृत्त) के धन्यवाद ज्ञापन के साथ संपन्न हुआ ।



